प्रस्तावना

हर देष का सविंधान उसका आधार होता है। जिसमें उस देष के मौलिक अधिकारांे एंव संविधानों को बताया गया है। इसी तरह भारत एक षक्तिषाली एंव प्राकृतिक सौन्दर्य भरा वातावरण का देष माना जाता है। यहां का सोैन्दर्य विष्व में बहुत प्रसिद्व है। विष्व बाजार में लोग भारत का नाम पहचानते हेेैं,भारत तेजी से आगे बढ़ रहा ह,ैै नई संभावनाओं,संरचनाओं और सृजन के पंख लगाकर,अर्थव्यवस्था का सूचकांक ऊपर जा रहा है।जहां एक ओर देष की तकनीक,अनुसंधान,कूटनीति और अतंराश्ट्रीय छवि लगातार सुधर रही हेै,वही दुसरी ओर कहीं न कहीं भारत के नागरिकों के एंेसे समूह और चेहरे हैं,जो अपनी भारतीय होने की पहचान का प्रमाण खोजते फिर रहे हैं,

इन लोगों की आंख में बदलते भारत में दखल बनाकर चलने की तमन्ना है, तो दूसरी आंख में कई अनुसरित-अधूरे-अनकहे सवाल जिनका जबाब किसी के पास नहीें है, इनके जहन में इस बात की खुषी होती है कि वे भारत के नागरिक हैं,

सफलता आपको प्रेरणा नहीं देती बल्कि सफलता के लिए शंघर्ष से आपको प्रेरणा मिलती है

निस्वार्थ प्रेम सेवा संसार की सबसे बड़ी ताकत जो दुनिया की हर बुरी ताकत को कमजोर कर देती हेै। सेवा का संचार हर इंसान के अन्दर होता है। मनुश्य अपने पारिवारिक दायित्वों को निभाने के लिए हर इंसान की सेवा नहीं कर पाता, इसलिए वह सिर्फ अपने बारे में सोचकर आगे निकल जाता है। कुछ लोग होते हेैं। जो सेवा का संकल्प लेते हुये, जिन्दगी की परेषानियों से जीतकर बहुत आगे निकल जाते है।